000 00637nam a2200157 a 4500
005 20260717090915.0
008 260717s1967 ii 000 0 mar d
041 _amar
082 0 4 _a891.4309
100 1 _aमेघ, रमेश कुंतल
245 1 0 _aमिथक और स्वप्न; कामायनी की मनस्सौंदर्य सामाजिक भूमिका /
_cमेघ, रमेश कुंतल
264 1 _aकानपूर :
_bग्रंथम रामबाग,
_c1967.
300 _a218 p.
650 4 _aहिंदी काव्य समिक्षा
942 _cBK
999 _c17698
_d17698